पूछ लिया किसी ने मैम हाल कैसा है ? इतना ही कहा— ना ही दिन अच्छे हैं नाही हाल अच्छा है निवाला छूटने पर याद आता है जेहन में कोई न कोई तो…
Read moreआज जब दर्द मुझे छू गया तो नयन कहां पीछे रहते आंसूओं से भर गए । ऐसा नहीं था कि आंसू पौंछने को रूमाल कम मिले। लेकिन — मां का आंँचल याद आया और…
Read moreबहुत टूटी हूं अनायास जब दुख आ जाता है। बिखर जाती हूं जब मेरे परिवार पर कोई आँच आती है सहनशक्ति भी जब साथ छोड़ने लगती है तब सोचती हूं — नारी हू…
Read moreयदि आप चाहते हैं कि समाज आपको सिर आंखों पर रखें तो सिर्फ समूह इकट्ठा ना करें समूह इकट्ठा करके आप समाज की नजरों में ऊंचा नहीं उठ सकते इसके लिए आ…
Read moreहंसकर यूं ही तुमने अपना परिचय दे दिया बात तो इतनी सी थी कसूरवार हम ठहरे कि —दिल ने तुम्हें पनाह दे दी सारे पथ भूल गया , राह तेरी बस याद रही मंज…
Read moreबरसात— वरसाथ मिलते जुलते है ये शब्द लेकिन मायने बिल्कुल अलग, है ना । अभी बरसात wao मस्त बरस रही है धीमे धीमें फुहारे पड़ रही है जिन्हे हम झड़ कहते ह…
Read moreएक गरीब बाप की बेटी टीचर बन गई जैसे तैसे करके उसके पिताजी ने रीना को मंजिल तक पहुंचा दिया । बात आ गई शादी की बेटी के पीले हाथ कर दे, किसी ने …
Read moreअच्छा लगता है जागते से ही सूरज की लालिमा में खुले आसमां से उड़ते पक्षियों का छत पर उतरकर दाना चुगना अच्छा लगता है आंगन में लगे…
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